Bitcoin mining क्या है?
Bitcoin mining क्या है? आसान भाषा में, माइनिंग एक कंप्यूटिंग प्रतियोगिता है जिसमें दुनिया भर के कंप्यूटर लेनदेन को ब्लॉक में जोड़ने का अधिकार पाने के लिए होड़ करते हैं। माइनर ब्लॉक के डेटा में एक संख्या (nonce) जोड़कर SHA-256 से हैश निकालते हैं, और जिसे सबसे पहले शुरुआत में पर्याप्त शून्य वाला हैश मिलता है, उसे ब्लॉक का इनाम मिलता है। इस लेख में ब्राउज़र में चलने वाले असली डेमो के साथ समझिए कि माइनिंग कैसे काम करती है, इनाम और हॉल्विंग क्या है, कौन सी मशीन चाहिए और भारत में माइनिंग कितनी फायदेमंद है।
यह निवेश सलाह नहीं है। माइनिंग से मुनाफे की कोई गारंटी नहीं है; बिजली और मशीन का खर्च अक्सर कमाई से ज़्यादा होता है। «क्लाउड माइनिंग में रोज़ाना तय कमाई» वाले ऑफर से सावधान रहें।
माइनिंग क्या काम करती है
बिटकॉइन का कोई बैंक या केंद्रीय प्रबंधक नहीं है। लेनदेन कौन दर्ज करेगा, यह कंप्यूटिंग प्रतियोगिता से तय होता है। पूरे नेटवर्क की भारी कंप्यूटिंग शक्ति की वजह से पुराने रिकॉर्ड को बदलना व्यावहारिक रूप से असंभव हो जाता है। इस तरीके को Proof of Work कहते हैं। क्रिप्टो की बुनियाद: क्रिप्टो क्या है।
हैश और nonce: सही संख्या की खोज
- माइनर इंतज़ार कर रहे लेनदेन इकट्ठा करके ब्लॉक का उम्मीदवार बनाता है।
- ब्लॉक के डेटा में nonce नाम की संख्या जोड़ता है और SHA-256 से हैश निकालता है।
- अगर हैश लक्ष्य से छोटा है, यानी शुरुआत में पर्याप्त शून्य हैं, तो ब्लॉक मिल गया।
- नहीं तो nonce बदलकर फिर से गणना करता है। यह हर सेकंड खरबों बार होता है।
हैश के बारे में विस्तार से: हैश क्या है।
ब्राउज़र में माइनिंग आज़माएं
नीचे का डेमो आपके ब्राउज़र में असली SHA-256 गणना करता है और शून्य से शुरू होने वाला हैश ढूंढता है। सिद्धांत बिटकॉइन माइनिंग जैसा ही है, बस कठिनाई बहुत कम है।
ब्लॉक#5,907,956
रुका हुआ- कोशिशें
- 0 / ≈65,536
- रफ़्तार
- 0 H/s
- लक्ष्य
- शुरुआत में 4 शून्य
ब्लॉक इनाम और हॉल्विंग
| ब्लॉक का समय | औसतन 10 मिनट |
|---|---|
| ब्लॉक इनाम | 3.125 BTC (अप्रैल 2024 की हॉल्विंग के बाद) |
| हॉल्विंग | लगभग हर 4 साल में इनाम आधा, अगली 2028 में अपेक्षित |
| कठिनाई समायोजन | हर 2016 ब्लॉक पर, लगभग दो हफ्ते में |
| अतिरिक्त आय | ब्लॉक में शामिल लेनदेन की फीस |
मशीन: ASIC क्यों चाहिए
आज बिटकॉइन माइनिंग सिर्फ ASIC मशीनों से होती है, जो केवल SHA-256 के लिए बनी हैं। एक फोन हर सेकंड कुछ लाख से कुछ करोड़ हैश निकालता है, जबकि आधुनिक ASIC सैकड़ों टेराहैश यानी सौ खरब से ज़्यादा हैश प्रति सेकंड निकालता है। लैपटॉप या गेमिंग पीसी से बिटकॉइन माइनिंग अब फायदेमंद नहीं है। एक ASIC लगभग 3.5 kW बिजली लेता है और बहुत शोर करता है। मशीनों के बारे में: बिटकॉइन माइनिंग मशीन क्या है।
भारत में माइनिंग
भारत में माइनिंग पर कोई अलग प्रतिबंध नहीं है, लेकिन घरेलू बिजली दरें स्लैब के हिसाब से बढ़ती हैं और एक ASIC महीने में ढाई हज़ार यूनिट से ज़्यादा बिजली खा सकता है, जिससे बिल बहुत ऊंचा हो जाता है। माइन किए गए कॉइन बेचने पर 30% टैक्स भी लगता है। कानूनी स्थिति विस्तार से: बिटकॉइन माइनिंग भारत में लीगल है?
माइनिंग पूल क्या है
एक अकेली मशीन से ब्लॉक मिलने की संभावना इतनी कम है कि सालों इंतज़ार करना पड़ सकता है। इसलिए माइनर पूल में जुड़ते हैं: सब अपनी कंप्यूटिंग शक्ति एक साझा पूल को देते हैं और ब्लॉक मिलने पर इनाम योगदान के अनुपात में बंटता है। पूल इसके लिए कुछ प्रतिशत शुल्क लेते हैं। इससे आय नियमित होती है, लेकिन कुल अपेक्षित कमाई नहीं बढ़ती।
फोन वाले माइनिंग ऐप
Google Play और App Store दोनों डिवाइस पर असली माइनिंग करने वाले ऐप की अनुमति नहीं देते। इसलिए «मोबाइल से बिटकॉइन माइनिंग» वाले ज़्यादातर ऐप असल में पॉइंट गेम या धोखा होते हैं, खासकर जो «वर्चुअल मशीन» खरीदने के लिए पैसे मांगते हैं। जांच का तरीका: माइनिंग ऐप असली या नकली।
बिना ASIC के माइनिंग गेम
TotalHash Telegram में एक मुफ्त माइनिंग सिम्युलेटर है: आपका फोन गेम के स्तर पर असली SHA-256 हैश निकालता है और बिटकॉइन नहीं, बल्कि गेम का #TH टोकन माइन करता है। टास्क आपके TON वॉलेट में थोड़ा USD₮ और GRAM भेजते हैं। कमाई का वादा नहीं।
Telegram में मुफ्त गेम।
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Bitcoin mining क्या है?
लेनदेन को ब्लॉक में जोड़ने के लिए कंप्यूटरों की SHA-256 हैश निकालने की प्रतियोगिता।
बिटकॉइन ब्लॉक इनाम कितना है?
अप्रैल 2024 की हॉल्विंग के बाद प्रति ब्लॉक 3.125 BTC।
क्या मोबाइल से बिटकॉइन माइनिंग हो सकती है?
फायदेमंद नहीं; बिटकॉइन माइनिंग के लिए लाखों गुना तेज़ ASIC मशीनें चाहिए।
क्या भारत में बिटकॉइन माइनिंग लीगल है?
कोई अलग प्रतिबंध नहीं है, लेकिन बिजली का खर्च ज़्यादा है और बेचने पर 30% टैक्स लगता है।