क्रिप्टो टैक्स इंडिया
भारत में क्रिप्टो टैक्स के नियम सीधे हैं, पर सख्त हैं: क्रिप्टो यानी वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) बेचने या दूसरे कॉइन में बदलने पर हुए मुनाफे पर 30% टैक्स और 4% सेस लगता है, खरीद कीमत के अलावा कोई खर्च घटाया नहीं जा सकता, और नुकसान को किसी दूसरी आय से नहीं घटा सकते, न ही अगले साल ले जा सकते हैं। इसके अलावा तय सीमा से ऊपर हर ट्रांसफर पर 1% TDS कटता है। इस लेख में आसान उदाहरणों के साथ समझिए कि कब टैक्स लगता है, कैसे गणना करें, TDS कैसे काम करता है और ITR में क्रिप्टो कैसे दिखाएं।
यह सामान्य जानकारी है, टैक्स सलाह नहीं। नियम अक्टूबर 2026 तक के हैं। अपने रिटर्न के लिए आयकर विभाग की वेबसाइट या चार्टर्ड अकाउंटेंट से पुष्टि करें।
कब टैक्स लगता है
- क्रिप्टो बेचकर रुपये लेना और उसमें मुनाफा होना।
- एक कॉइन को दूसरे में बदलना, जैसे USDT से BTC: पहला कॉइन बाज़ार कीमत पर बिका माना जाता है।
- क्रिप्टो से सामान या सेवा खरीदना।
- गिफ्ट में क्रिप्टो मिलना, अगर साल में 50,000 रुपये से ज़्यादा हो और देने वाला रिश्तेदार न हो।
सिर्फ रुपये से क्रिप्टो खरीदना और रखना टैक्स योग्य नहीं है। अपने ही दो वॉलेट के बीच भेजना भी बिक्री नहीं है। क्रिप्टो भारत में कानूनी है या नहीं: बिटकॉइन भारत में लीगल है?
30% का नियम
| नियम | मतलब |
|---|---|
| फ्लैट रेट | मुनाफे पर 30%, साथ में 4% सेस और लागू हो तो सरचार्ज |
| कटौती | सिर्फ खरीद कीमत; इंटरनेट, फीस या हार्डवेयर का खर्च नहीं |
| नुकसान | दूसरी आय या दूसरे कॉइन के मुनाफे से नहीं घटेगा, आगे नहीं ले जा सकते |
| बेसिक छूट | VDA टैक्स पर लागू नहीं; कम आय वालों पर भी 30% |
ये नियम 1 अप्रैल 2022 से लागू हैं। 1 अप्रैल 2026 से लागू नए आयकर अधिनियम, 2025 में भी VDA के लिए यही व्यवस्था रखी गई है, बस धाराओं के नंबर बदले हैं।
उदाहरण
उदाहरण 1: आपने 1,00,000 रुपये में BTC खरीदा और 1,40,000 रुपये में बेचा। मुनाफा 40,000 रुपये, टैक्स और सेस लगभग 12,480 रुपये।
उदाहरण 2: उसी साल आपको ETH पर 15,000 रुपये का नुकसान हुआ। यह नुकसान BTC के 40,000 रुपये के मुनाफे से नहीं घटेगा, इसलिए टैक्स फिर भी 40,000 रुपये पर ही बनेगा।
अपनी गणना जल्दी करने के लिए: क्रिप्टो टैक्स कैलकुलेटर।
1% TDS
1 जुलाई 2022 से, क्रिप्टो ट्रांसफर पर बिक्री मूल्य का 1% TDS कटता है, जब साल में बिक्री तय सीमा पार कर जाए: ज़्यादातर नौकरीपेशा लोगों के लिए 50,000 रुपये और बाकी के लिए 10,000 रुपये। भारतीय एक्सचेंज यह अपने आप काटते हैं और यह आपके फॉर्म 26AS और AIS में दिखता है। TDS अतिरिक्त टैक्स नहीं है: रिटर्न भरते समय इसे क्रेडिट के रूप में घटाया जाता है। विस्तार से: क्रिप्टो TDS।
ITR में क्रिप्टो कैसे दिखाएं
- वित्त वर्ष (अप्रैल से मार्च) के सभी एक्सचेंज और वॉलेट का लेनदेन इतिहास डाउनलोड करें।
- हर बिक्री पर मुनाफा निकालें: बिक्री मूल्य घटा उसी कॉइन की खरीद कीमत।
- ITR-2 के Schedule VDA में हर ट्रांसफर दर्ज करें; ट्रेडिंग को कारोबार मानते हैं तो ITR-3।
- फॉर्म 26AS में दिखे TDS का क्रेडिट लें।
- समय सीमा तक रिटर्न भरें, आमतौर पर 31 जुलाई।
पूरी प्रक्रिया: क्रिप्टो ITR कैसे भरें।
माइनिंग, एयरड्रॉप और गिफ्ट
- माइनिंग: माइन किए कॉइन बेचने पर आमतौर पर पूरी बिक्री राशि पर 30% टैक्स, क्योंकि खरीद कीमत शून्य मानी जाती है।
- एयरड्रॉप और रिवॉर्ड: मिलने पर आय मानी जा सकती है और बेचने पर मुनाफे पर 30%।
- गिफ्ट: गैर रिश्तेदार से साल में 50,000 रुपये से ज़्यादा मिलने पर पाने वाले पर टैक्स।
क्रिप्टो को रुपये में बदलने का अनुमान: USDT से INR।
गेम से छोटी रकम
TotalHash Telegram में एक मुफ्त माइनिंग गेम है। टास्क आपके TON वॉलेट में थोड़ा USD₮ और GRAM भेजते हैं। यह कमाई नहीं है, लेकिन बेचने पर वही VDA टैक्स नियम लागू होते हैं।
Telegram में मुफ्त गेम।
TotalHash खोलेंछोटे जवाब
भारत में क्रिप्टो पर कितना टैक्स है?
मुनाफे पर 30% फ्लैट टैक्स, साथ में 4% सेस और लागू हो तो सरचार्ज।
क्या क्रिप्टो का नुकसान दूसरी आय से घटा सकते हैं?
नहीं, VDA का नुकसान किसी दूसरी आय या दूसरे कॉइन के मुनाफे से नहीं घटता और आगे नहीं ले जा सकते।
क्रिप्टो पर 1% TDS क्या है?
तय सीमा से ऊपर क्रिप्टो ट्रांसफर पर बिक्री मूल्य का 1% कटता है, जिसे रिटर्न में क्रेडिट लिया जाता है।
ITR में क्रिप्टो कहाँ दिखाएं?
ITR-2 के Schedule VDA में, या ट्रेडिंग को कारोबार मानते हैं तो ITR-3 में।