Telegram किस देश की कंपनी है
Telegram किस देश की कंपनी है? Telegram को 2013 में रूस में जन्मे भाई पावेल ड्यूरोव और निकोलाई ड्यूरोव ने बनाया था, लेकिन आज यह किसी एक देश की सरकारी कंपनी नहीं है। इसका मुख्यालय दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) में है, और इसके मालिक व CEO पावेल ड्यूरोव हैं। भारत Telegram का सबसे बड़ा बाज़ार है, जहाँ इसके 10 करोड़ से ज़्यादा उपयोगकर्ता हैं। इस लेख में जानिए Telegram का इतिहास, मालिकाना हक़, भारत में इसकी स्थिति और सुरक्षा से जुड़े सवाल।
मुख्य तथ्य
| शुरुआत | 2013 |
|---|---|
| संस्थापक | पावेल ड्यूरोव और निकोलाई ड्यूरोव |
| मुख्यालय | दुबई, संयुक्त अरब अमीरात |
| CEO | पावेल ड्यूरोव |
| उपयोगकर्ता | दुनिया भर में 1 अरब से ज़्यादा मासिक उपयोगकर्ता |
| सबसे बड़ा बाज़ार | भारत |
Telegram का इतिहास
ड्यूरोव भाइयों ने पहले रूस का सबसे बड़ा सोशल नेटवर्क VKontakte (VK) बनाया था। सरकार के दबाव और कंपनी पर नियंत्रण को लेकर विवाद के बाद पावेल ड्यूरोव 2014 में रूस छोड़कर चले गए। Telegram ने बर्लिन, लंदन और सिंगापुर जैसे शहरों से काम किया और बाद में दुबई में स्थायी मुख्यालय बनाया। पावेल ड्यूरोव के पास कई देशों की नागरिकता है, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात और फ़्रांस भी शामिल हैं।
अगस्त 2024 में पावेल ड्यूरोव को फ़्रांस में Telegram पर अवैध गतिविधियों से जुड़ी जाँच के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद Telegram ने अपनी नीति बदली और वैध क़ानूनी अनुरोध पर नियम तोड़ने वालों का फ़ोन नंबर और IP पता अधिकारियों को देने लगा।
मालिक कौन है
Telegram के मालिक पावेल ड्यूरोव हैं और कंपनी उनके नियंत्रण में है। Telegram किसी सरकार की कंपनी नहीं है और शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध भी नहीं है। कंपनी ने विकास के लिए बॉन्ड के ज़रिए पैसा जुटाया है। इसलिए यह कहना सही नहीं कि Telegram "रूसी कंपनी" है: संस्थापक रूस में जन्मे, लेकिन कंपनी का मुख्यालय और संचालन रूस से बाहर है।
भारत में Telegram
- भारत में Telegram के उपयोगकर्ता किसी भी दूसरे देश से ज़्यादा हैं।
- भारत में Telegram Premium दुनिया में सबसे सस्ते दामों में मिलता है: ऐप में ₹179 प्रति माह।
- भारत के IT नियमों के तहत Telegram ने शिकायत अधिकारी नियुक्त किया है और पायरेसी या गैरक़ानूनी कंटेंट वाले चैनल हटाए जाते हैं।
- भारत में Telegram पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
क्या Telegram सुरक्षित है
Telegram की सामान्य चैट क्लाउड में सर्वर पर सुरक्षित रहती हैं, लेकिन वे एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड नहीं होतीं। पूरी तरह निजी बातचीत के लिए "सीक्रेट चैट" का विकल्प है। सुरक्षा के लिए:
- टू-स्टेप वेरिफ़िकेशन चालू करें।
- लॉगिन कोड किसी को न बताएँ, Telegram सपोर्ट भी कभी नहीं माँगता।
- प्राइवेसी सेटिंग में फ़ोन नंबर छिपाएँ।
- "Telegram टास्क से कमाई" वाले फ्रॉड से सावधान रहें।
Telegram और TON ब्लॉकचेन
Telegram ने 2018 में अपना ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट TON और क्रिप्टोकरेंसी Gram शुरू करने की कोशिश की थी, लेकिन अमेरिकी नियामक SEC के साथ क़ानूनी विवाद के बाद 2020 में यह प्रोजेक्ट छोड़ दिया गया। इसके बाद स्वतंत्र डेवलपर्स ने नेटवर्क को आगे बढ़ाया और इसकी मुद्रा Toncoin कहलाई। जून 2026 में समुदाय के वोट के बाद Toncoin का नाम बदलकर फिर से Gram (GRAM) कर दिया गया। आज Telegram का बिल्ट-इन वॉलेट, Telegram Stars से जुड़ी निकासी और कई मिनी ऐप TON नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं।
Telegram पैसे कैसे कमाता है
Telegram की कमाई मुख्य रूप से Telegram Premium सब्सक्रिप्शन, चैनलों में विज्ञापन (Telegram Ads), Telegram Stars के ज़रिए डिजिटल ख़रीदारी और यूज़रनेम की नीलामी जैसी सेवाओं से होती है। चैनल मालिकों को विज्ञापन कमाई में हिस्सा मिल सकता है। अधिक जानें: Telegram से पैसे कैसे कमाएँ।
Telegram पर एक मिनी ऐप
TotalHash Telegram में चलने वाला एक मुफ़्त माइनिंग गेम है। टास्क और छोटे विज्ञापनों पर यह आपके TON वॉलेट में थोड़े USD₮ और GRAM देता है, बिना डिपॉज़िट के।
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Telegram किस देश का ऐप है?
इसे रूस में जन्मे ड्यूरोव भाइयों ने 2013 में बनाया, लेकिन मुख्यालय दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में है।
Telegram का मालिक कौन है?
पावेल ड्यूरोव, जो कंपनी के CEO भी हैं।
क्या Telegram चीन का ऐप है?
नहीं, Telegram का चीन से कोई संबंध नहीं है; चीन में यह ब्लॉक है।
क्या भारत में Telegram बैन है?
नहीं, भारत Telegram का सबसे बड़ा बाज़ार है और इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है।