TotalHash
HI
Telegram में खोलें

भारत में कौन सा क्रिप्टो ऐप सही है: तुलना

6 मिनट में पढ़ें

भारत में क्रिप्टो ऐप चुनना सिर्फ़ फीस देखने का मामला नहीं है। ऐप FIU-IND में रजिस्टर्ड है या नहीं, रुपये कैसे जमा होते हैं, सुरक्षा का रिकॉर्ड कैसा है और मुश्किल में सपोर्ट मिलता है या नहीं, ये सब उतना ही ज़रूरी है। 2024 में एक बड़े भारतीय एक्सचेंज के हैक ने दिखाया कि गलत चुनाव कितना महँगा पड़ सकता है। इस गाइड में हम ऐप चुनने के 6 पैमाने, भारतीय बनाम विदेशी एक्सचेंज, फीस और TDS, नए यूज़र की ज़रूरतें, सुरक्षा और फ़ेक ऐप पहचानने के तरीके समझाते हैं।

यह लेख केवल जानकारी के लिए है, किसी ऐप का प्रचार या निवेश सलाह नहीं। FIU-IND की सूची और फीस बदलती रहती है; इस्तेमाल से पहले ताज़ा जानकारी जाँचें।

ऐप चुनने के 6 पैमाने: FIU, फीस, INR जमा, सुरक्षा, सपोर्ट, लिक्विडिटी

पैमानाक्या देखें
FIU-IND रजिस्ट्रेशनभारत में कानूनी रूप से सेवा देने की शर्त
फीसट्रेडिंग फीस, स्प्रेड, निकासी फीस
INR जमाUPI, IMPS, बैंक ट्रांसफ़र की उपलब्धता
सुरक्षा2FA, हैकिंग का इतिहास, प्रूफ़ ऑफ़ रिज़र्व
सपोर्टसमस्या पर जवाब का समय और भाषा
लिक्विडिटीबड़े ऑर्डर पर कीमत कितनी फिसलती है

रजिस्टर्ड एक्सचेंज की सूची कैसे जाँचें: FIU रजिस्टर्ड क्रिप्टो एक्सचेंज।

भारतीय बनाम विदेशी एक्सचेंज

भारतीय एक्सचेंज रुपये में सीधे जमा-निकासी देते हैं और TDS अपने आप काटते हैं, जिससे टैक्स का हिसाब आसान होता है। विदेशी एक्सचेंज में ज़्यादा कॉइन और ट्रेडिंग विकल्प होते हैं, लेकिन भारत में सेवा देने के लिए उन्हें भी FIU-IND में रजिस्टर होना ज़रूरी है। जो विदेशी प्लेटफ़ॉर्म रजिस्टर नहीं हैं, उनकी वेबसाइटें ब्लॉक हो सकती हैं और आपका पैसा फँस सकता है।

फीस और TDS की तुलना

  • ट्रेडिंग फीस: आम तौर पर हर ट्रेड पर प्रतिशत में, मेकर और टेकर के लिए अलग।
  • GST: फीस पर अलग से जुड़ता है।
  • स्प्रेड: "इंस्टेंट बाय" में बाज़ार भाव से ऊपर कीमत।
  • TDS: बिक्री पर 1%, भारतीय एक्सचेंज अपने आप काटते हैं।
  • निकासी फीस: रुपये और क्रिप्टो दोनों की।

मुनाफ़े पर 30% टैक्स और नुकसान के नियम: भारत में क्रिप्टो टैक्स।

नए यूज़र के लिए क्या ज़रूरी है

  1. सरल ऐप जिसमें KYC और INR जमा आसान हो।
  2. छोटी रकम से खरीदने की सुविधा।
  3. साफ़ फीस जानकारी।
  4. हिंदी या आसान अंग्रेज़ी में सपोर्ट।

पहली ख़रीद के स्टेप: क्रिप्टो कैसे ख़रीदें। अगर क्रिप्टो बिल्कुल नया है: क्रिप्टो क्या है। ट्रेडिंग की बुनियादी बातें: क्रिप्टो ट्रेडिंग क्या है।

सुरक्षा: 2FA, हैकिंग का इतिहास, प्रूफ़ ऑफ़ रिज़र्व

जुलाई 2024 में एक बड़े भारतीय एक्सचेंज से सैकड़ों मिलियन डॉलर की क्रिप्टो हैक हो गई, और यूज़र्स को महीनों तक अपना पैसा नहीं मिला; मामला पुनर्गठन योजना तक पहुँचा। इससे सबक मिलता है:

  • ऐसे एक्सचेंज चुनें जो नियमित रूप से प्रूफ़ ऑफ़ रिज़र्व प्रकाशित करते हैं।
  • ऐप पासवर्ड और ईमेल दोनों पर 2FA चालू करें।
  • बड़ी रकम लंबे समय के लिए एक्सचेंज पर न रखें; अपने नॉन-कस्टोडियल वॉलेट में रखें।
  • पैसा एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर न रखें।

नया ऐप शुरू करते समय पहले छोटी रकम जमा करें, एक बार ख़रीदें-बेचें और रुपये निकालकर देखें। अगर निकासी में दिक्कत आती है, तो बड़ी रकम लगाने से पहले ही आपको पता चल जाएगा।

फ़ेक क्रिप्टो ऐप कैसे पहचानें

  1. ऐप WhatsApp या Telegram ग्रुप के लिंक से APK के रूप में मिलता है।
  2. रोज़ाना तय मुनाफ़े का वादा करता है।
  3. निकासी के लिए "टैक्स" या "फ़ीस" पहले जमा करने को कहता है।
  4. नाम किसी मशहूर एक्सचेंज से मिलता-जुलता है लेकिन डेवलपर अलग है।
  5. FIU-IND सूची में उसका नाम नहीं है।

बिना निवेश क्रिप्टो से परिचय

TotalHash Telegram में एक मुफ़्त माइनिंग गेम है। टास्क TON वॉलेट पर USD₮ और GRAM की छोटी रकम भेजते हैं। कोई जमा नहीं, कमाई का कोई वादा नहीं।

Telegram में मुफ़्त गेम।

TotalHash खोलें

छोटे जवाब

भारत में कौन सा क्रिप्टो ऐप लीगल है?

जो एक्सचेंज FIU-IND में रिपोर्टिंग एंटिटी के रूप में रजिस्टर्ड हैं।

क्रिप्टो ऐप चुनते समय क्या देखें?

FIU रजिस्ट्रेशन, फीस, INR जमा, सुरक्षा, सपोर्ट और लिक्विडिटी।

क्या विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंज भारत में इस्तेमाल कर सकते हैं?

केवल वे जो FIU-IND में रजिस्टर्ड हैं; बाकी ब्लॉक हो सकते हैं।

फ़ेक क्रिप्टो ऐप कैसे पहचानें?

APK लिंक, तय मुनाफ़े का वादा और निकासी से पहले फ़ीस माँगना।