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ब्लॉकचेन क्या है?

7 मिनट में पढ़ें

ब्लॉकचेन एक साझा डिजिटल बहीखाता है, जिसकी एक जैसी कॉपी हज़ारों कंप्यूटरों पर रहती है। इसमें जो लिखा जाता है वह ब्लॉकों में जुड़ता है, हर ब्लॉक पिछले ब्लॉक से हैश के ज़रिए बँधा होता है, और पुराने रिकॉर्ड को चुपचाप बदलना लगभग असंभव हो जाता है। बिटकॉइन, TON और कई दूसरी क्रिप्टोकरेंसी इसी तकनीक पर चलती हैं, पर ब्लॉकचेन का उपयोग सिर्फ़ क्रिप्टो तक सीमित नहीं है। इस लेख में हम आसान हिंदी में समझेंगे कि ब्लॉकचेन क्या है, कैसे काम करती है, कंसेंसस क्या होता है, भारत में इसके उदाहरण कौन से हैं, और इसकी सीमाएँ क्या हैं। नीचे एक हैश टूल भी है जिससे आप खुद देख सकते हैं कि एक अक्षर बदलने से हैश कैसे पूरा बदल जाता है।

यह लेख शिक्षा के लिए है, निवेश सलाह नहीं। क्रिप्टोकरेंसी में पैसा डूब भी सकता है। ब्लॉकचेन तकनीक को समझना और क्रिप्टो खरीदना दो अलग बातें हैं।

ब्लॉकचेन क्या है: एक साझा बहीखाता

सोचिए कि किसी मोहल्ले में उधार का हिसाब एक ही दुकानदार की कॉपी में लिखा है। अगर वह कॉपी बदल दे, तो कोई साबित नहीं कर सकता कि पहले क्या लिखा था। अब सोचिए कि वही हिसाब मोहल्ले के हर घर में एक कॉपी में लिखा है, और नई एंट्री तभी जुड़ती है जब ज़्यादातर लोग उसे सही मानें। किसी एक कॉपी को बदलने से कुछ नहीं होगा, क्योंकि बाकी कॉपियाँ अलग बताएँगी। ब्लॉकचेन यही करती है, बस कंप्यूटरों और गणित के साथ। इसलिए इसे डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर भी कहते हैं। क्रिप्टो का आधार: crypto kya hai.

ब्लॉक, हैश और चेन: कैसे जुड़ते हैं

  • ब्लॉक: लेन-देन या डेटा का एक समूह, जिसमें समय और पिछले ब्लॉक का हैश भी लिखा होता है।
  • हैश: किसी भी डेटा से बनने वाला तय लंबाई का «फ़िंगरप्रिंट»। डेटा में एक अक्षर बदला तो हैश पूरी तरह बदल जाता है।
  • चेन: हर ब्लॉक में पिछले ब्लॉक का हैश है, इसलिए किसी पुराने ब्लॉक को बदलने पर उसके बाद के सारे ब्लॉक टूट जाते हैं।

हैश को विस्तार से समझें: hash kya hai.

हैश खुद आज़माएँ

नीचे बॉक्स में कोई भी टेक्स्ट लिखिए, फिर उसमें सिर्फ़ एक अक्षर बदलिए। आप देखेंगे कि SHA-256 हैश पूरा अलग हो जाता है। बिटकॉइन माइनिंग में यही SHA-256 फ़ंक्शन इस्तेमाल होता है।

लंबाई …
हैश गणना हो रही है…

कंसेंसस: प्रूफ़ ऑफ़ वर्क और प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक

हज़ारों कंप्यूटर बिना किसी मालिक के एक ही बहीखाते पर कैसे सहमत होते हैं? इसके नियम को कंसेंसस कहते हैं।

प्रूफ़ ऑफ़ वर्क (PoW)प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक (PoS)
कैसे चुनते हैंजो पहले सही हैश ढूँढेजिसने कॉइन दाँव पर लगाए हों
उदाहरणबिटकॉइनTON, एथेरियम
बिजलीबहुत ज़्यादाकाफ़ी कम
सुरक्षा का आधारहैशरेट की लागतदाँव पर लगी रकम

बिटकॉइन में माइनर हर नया ब्लॉक जोड़ने पर 3.125 BTC का इनाम पाता है, जो अप्रैल 2024 के हॉल्विंग के बाद से है। बिटकॉइन का पूरा परिचय: bitcoin kya hai.

पब्लिक और प्राइवेट ब्लॉकचेन

  • पब्लिक: कोई भी जुड़ सकता है और लेन-देन देख सकता है, जैसे बिटकॉइन और TON।
  • प्राइवेट या परमिशन्ड: सिर्फ़ चुने हुए संगठन जुड़ते हैं, जैसे बैंकों या सरकारी विभागों का नेटवर्क।
  • कंसोर्शियम: कई कंपनियाँ मिलकर नेटवर्क चलाती हैं।

Web3 इसी पब्लिक ब्लॉकचेन पर बने ऐप्स का विचार है: web3 kya hai.

भारत में ब्लॉकचेन के उपयोग

भारत सरकार ने राष्ट्रीय ब्लॉकचेन फ़्रेमवर्क के तहत सरकारी सेवाओं के लिए साझा ब्लॉकचेन ढाँचा बनाने की पहल की है। कुछ राज्यों में भूमि रिकॉर्ड, प्रमाणपत्र सत्यापन और सप्लाई चेन ट्रैकिंग के पायलट चले हैं। रिज़र्व बैंक का डिजिटल रुपया (e-रुपी) पायलट भी डिजिटल मुद्रा का प्रयोग है, हालाँकि वह क्रिप्टोकरेंसी नहीं है और केंद्रीय बैंक के नियंत्रण में है। निजी क्षेत्र में ब्लॉकचेन का उपयोग व्यापार वित्त, दस्तावेज़ सत्यापन और लॉजिस्टिक्स में हो रहा है।

ब्लॉकचेन की सीमाएँ

  • गति: सामान्य डेटाबेस से धीमी, क्योंकि कई कंप्यूटरों को सहमत होना पड़ता है।
  • गलत डेटा: ब्लॉकचेन यह नहीं जाँचती कि डाली गई जानकारी सच है; वह सिर्फ़ उसे बदलने से रोकती है।
  • स्थायी गलती: गलत पते पर भेजा पैसा वापस नहीं आता।
  • बिजली: PoW नेटवर्क बहुत ऊर्जा खाते हैं।
  • धोखाधड़ी: «ब्लॉकचेन» शब्द का इस्तेमाल करके कई नकली निवेश योजनाएँ चलती हैं।

ब्लॉकचेन को खेलकर समझें

TotalHash Telegram में एक मुफ़्त माइनिंग गेम है: आपका फ़ोन गेम के स्तर पर असली SHA-256 हैश गिनता है और बिटकॉइन नहीं, बल्कि गेम का #TH टोकन माइन करता है। टास्क से थोड़ा USD₮ और GRAM मिलता है। कमाई का कोई वादा नहीं।

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FAQ

ब्लॉकचेन क्या है?

एक साझा डिजिटल बहीखाता जिसकी कॉपी हज़ारों कंप्यूटरों पर रहती है और ब्लॉक हैश से जुड़े होते हैं।

ब्लॉकचेन कैसे काम करती है?

हर ब्लॉक में पिछले ब्लॉक का हैश होता है, और नया ब्लॉक कंसेंसस नियम से जुड़ता है।

क्या ब्लॉकचेन और बिटकॉइन एक ही हैं?

नहीं, बिटकॉइन ब्लॉकचेन पर बनी एक क्रिप्टोकरेंसी है; ब्लॉकचेन तकनीक है।

भारत में ब्लॉकचेन कहाँ इस्तेमाल होती है?

राष्ट्रीय ब्लॉकचेन फ़्रेमवर्क, भूमि रिकॉर्ड और प्रमाणपत्र सत्यापन के पायलट, और निजी कंपनियों में।