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Ethereum (एथेरियम) क्या है?

6 मिनट में पढ़ें

Ethereum (एथेरियम) क्या है? छोटा जवाब: एथेरियम एक ब्लॉकचेन है जिस पर प्रोग्राम चलाए जा सकते हैं। अगर बिटकॉइन डिजिटल पैसा है, तो एथेरियम एक दुनिया भर में साझा कंप्यूटर जैसा है, जिस पर टोकन, एक्सचेंज, NFT और गेम चलते हैं। इसका अपना कॉइन ETH (ईथर) है। इस लेख में ETH कॉइन और गैस फीस, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट, DeFi और NFT, प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक और ETH माइनिंग बंद होने की वजह, बिटकॉइन बनाम एथेरियम, भारत में ETH पर टैक्स और जोखिमों को आसान भाषा में समझाते हैं।

यह लेख शिक्षा के लिए है, निवेश की सलाह नहीं। क्रिप्टो की कीमतें बहुत तेज़ी से ऊपर-नीचे होती हैं।

एथेरियम क्या है: छोटा जवाब

एथेरियम को 2013 में विटालिक बुटेरिन ने प्रस्तावित किया और 2015 में यह नेटवर्क शुरू हुआ। इस पर कोई भी «स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट» नाम के प्रोग्राम डाल सकता है, जो हज़ारों कंप्यूटरों पर एक जैसे चलते हैं और जिन्हें कोई अकेला व्यक्ति बंद या बदल नहीं सकता। ब्लॉकचेन की बुनियादी समझ के लिए: ब्लॉकचेन क्या है।

ETH कॉइन और गैस फीस

ETH एथेरियम नेटवर्क का अपना कॉइन है। नेटवर्क पर कोई भी काम, जैसे ट्रांसफ़र या कॉन्ट्रैक्ट चलाना, करने के लिए जो फीस दी जाती है उसे «गैस» कहते हैं, और यह ETH में चुकाई जाती है। जब नेटवर्क पर भीड़ होती है तो गैस फीस बढ़ जाती है, और शांत समय में कम रहती है। 2024 के बाद से Arbitrum और Base जैसे लेयर-2 नेटवर्क पर लेन-देन काफ़ी सस्ते हो गए हैं, जो एथेरियम की सुरक्षा का इस्तेमाल करते हैं।

स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट, DeFi और NFT

उपयोगक्या होता है
स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट«अगर X हो तो Y करो» वाला प्रोग्राम जो अपने-आप चलता है
DeFiबिना बैंक के लेन-देन, उधार और टोकन की अदला-बदली
टोकनERC-20 स्टैंडर्ड पर बने टोकन, जैसे USDT का एथेरियम वर्शन
NFTडिजिटल आर्ट या गेम आइटम के मालिकाना हक़ का रिकॉर्ड

प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक: ETH माइनिंग क्यों बंद हुई

सितंबर 2022 तक एथेरियम भी बिटकॉइन की तरह माइनिंग (प्रूफ़ ऑफ़ वर्क) से चलता था। «द मर्ज» नाम के अपग्रेड के बाद यह प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक पर आ गया: अब ब्लॉक वे वैलिडेटर बनाते हैं जो अपना ETH गारंटी के तौर पर लॉक करते हैं। इससे बिजली की खपत लगभग 99.9% घट गई और ETH की माइनिंग बंद हो गई। अब ETH पर इनाम पाने का तरीका स्टेकिंग है, जिसमें करोड़ों ETH लॉक हैं: स्टेकिंग क्या है। इसके बाद भी नेटवर्क में अपग्रेड जारी रहे, जैसे 2025 में Pectra।

बिटकॉइन बनाम एथेरियम

बिंदुबिटकॉइनएथेरियम
मुख्य उद्देश्यडिजिटल पैसा और मूल्य का भंडारऐप्स और कॉन्ट्रैक्ट का प्लेटफ़ॉर्म
सहमति का तरीकाप्रूफ़ ऑफ़ वर्क (माइनिंग)प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक
अधिकतम सप्लाई2.1 करोड़कोई तय सीमा नहीं
ब्लॉक समयलगभग 10 मिनटलगभग 12 सेकंड

बिटकॉइन के बारे में: बिटकॉइन क्या है। क्रिप्टो की बुनियाद: क्रिप्टो क्या है।

भारत में ETH: टैक्स और भाव कहाँ देखें

भारत में ETH को «वर्चुअल डिजिटल एसेट» माना जाता है। मुनाफ़े पर 30% टैक्स (साथ में सेस) लगता है, बिक्री पर 1% TDS कटता है और नुकसान को दूसरी आय से सेट-ऑफ नहीं किया जा सकता। ETH खरीदने के लिए FIU-IND में रजिस्टर्ड एक्सचेंज इस्तेमाल करें। रुपये में क्रिप्टो के भाव के लिए: बिटकॉइन प्राइस INR।

जोखिम

  • ETH की कीमत कुछ ही हफ़्तों में बहुत गिर सकती है।
  • स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट में बग से पैसे डूब सकते हैं।
  • नकली वेबसाइट पर वॉलेट कनेक्ट करके साइन करने से वॉलेट खाली हो सकता है।
  • «ETH डबल करो» या «ETH माइनिंग ऐप» वाले ऑफ़र धोखा हैं, क्योंकि ETH की माइनिंग अब होती ही नहीं।

गेम में ब्लॉकचेन

TotalHash Telegram में एक मुफ़्त माइनिंग गेम है। टास्क TON वॉलेट में USD₮ और GRAM की छोटी रकम भेजते हैं। कमाई का कोई वादा नहीं।

Telegram में मुफ़्त गेम।

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FAQ

Ethereum kya hai in Hindi?

एथेरियम एक ब्लॉकचेन है जिस पर स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट चलते हैं; इसका कॉइन ETH है।

क्या ETH की माइनिंग होती है?

नहीं, सितंबर 2022 से एथेरियम प्रूफ़ ऑफ़ स्टेक पर चलता है।

बिटकॉइन और एथेरियम में क्या फर्क है?

बिटकॉइन डिजिटल पैसा है, एथेरियम ऐप्स और कॉन्ट्रैक्ट का प्लेटफ़ॉर्म।

भारत में ETH पर कितना टैक्स है?

मुनाफ़े पर 30% और बिक्री पर 1% TDS।