मोबाइल से बिटकॉइन माइनिंग: संभव है या नहीं?
मोबाइल से बिटकॉइन माइनिंग कैसे करें? यह सवाल बहुत लोग पूछते हैं, क्योंकि Play Store पर «bitcoin miner for android» जैसे कई ऐप दिखते हैं। छोटा जवाब: तकनीकी रूप से फ़ोन SHA-256 हैश बना सकता है, लेकिन असली बिटकॉइन नेटवर्क के मुक़ाबले उसकी ताक़त इतनी कम है कि कमाई व्यावहारिक रूप से शून्य है। इस लेख में संख्याओं के साथ बताते हैं कि फ़ोन और ASIC की स्पीड में कितना फ़र्क है, फ़ोन पर माइनिंग से बैटरी और गर्मी पर क्या असर होता है, «मोबाइल माइनिंग ऐप» असल में क्या करते हैं, Play Store के नियम क्या कहते हैं, और नीचे एक लाइव डेमो है जिसमें आप अपने फ़ोन की SHA-256 स्पीड देख सकते हैं।
नीचे का डेमो आपके ब्राउज़र में चलता है और बिटकॉइन नहीं बनाता। जो ऐप फ़ोन से «माइनिंग करके» पैसा देने का वादा करते हैं, उनसे सावधान रहें।
फ़ोन की हैशिंग स्पीड बनाम ASIC: संख्या में
बिटकॉइन माइनिंग का मतलब है बार-बार SHA-256 हैश बनाकर ऐसा नतीजा ढूंढना जो एक तय लक्ष्य से छोटा हो। हैश क्या है: हैश क्या है। माइनिंग की पूरी प्रक्रिया: बिटकॉइन माइनिंग क्या है।
| डिवाइस | स्पीड (लगभग) | आज के नेटवर्क पर एक दिन की औसत कमाई |
|---|---|---|
| स्मार्टफ़ोन | करीब 10 MH/s | 0.000447 सातोशी |
| आधुनिक ASIC | करीब 200 TH/s | 8,944 सातोशी |
एक सातोशी BTC का दस करोड़वां हिस्सा है और आज करीब ₹0.077 का है। यानी फ़ोन को एक सातोशी कमाने में भी हज़ारों दिन लगेंगे, जबकि ASIC दो करोड़ गुना तेज़ है। यह हिसाब औसत है; असल में अकेले फ़ोन से एक भी ब्लॉक मिलने की संभावना लगभग शून्य है।
फ़ोन पर माइनिंग से बैटरी और गर्मी
माइनिंग प्रोसेसर को लगातार 100% पर चलाती है। इससे फ़ोन बहुत गर्म होता है, बैटरी तेज़ी से ख़त्म होती है और लंबे समय में बैटरी की क्षमता स्थायी रूप से घट जाती है। गर्मी के कारण फ़ोन अपनी स्पीड ख़ुद कम कर देता है, तो कुछ मिनट बाद हैशरेट और गिर जाता है। यानी आप कुछ पैसे भी नहीं कमाते, ऊपर से फ़ोन की उम्र घटाते हैं।
«मोबाइल माइनिंग ऐप» वास्तव में क्या करते हैं
- नकली काउंटर: स्क्रीन पर «माइन हुआ» बैलेंस बढ़ता है, लेकिन फ़ोन कुछ हैश नहीं करता। कमाई विज्ञापनों से होती है।
- «तेज़ करने» के पैक: «बूस्टर» या «हैशरेट अपग्रेड» बेचते हैं, और निकासी के समय ऊंची न्यूनतम सीमा या फ़ीस आती है।
- क्लाउड माइनिंग का दावा: कहते हैं माइनिंग उनके सर्वर पर होती है; अक्सर यह पोंज़ी स्कीम निकलती है।
- छिपी माइनिंग: कुछ ख़तरनाक ऐप आपकी जानकारी के बिना फ़ोन से किसी और के लिए माइनिंग करते हैं।
असली और नकली ऐप कैसे पहचानें: माइनिंग ऐप असली या नकली। पैसे कमाने वाले ऐप की पूरी सूची और जोखिम: पैसे कमाने वाला ऐप।
Play Store के नियम
Google Play की डेवलपर नीति के अनुसार, जो ऐप डिवाइस पर ही क्रिप्टो माइनिंग करते हैं, उनकी अनुमति नहीं है; दूर से माइनिंग मशीनों को मैनेज करने वाले ऐप की अनुमति है। इसलिए Play Store पर «bitcoin miner» नाम वाले ज़्यादातर ऐप या तो सिर्फ़ गेम या विज्ञापन ऐप हैं, या क्लाउड माइनिंग बेचते हैं। बाहर से APK डाउनलोड करके माइनिंग ऐप इंस्टॉल करना और भी जोखिम भरा है, क्योंकि उसमें मैलवेयर हो सकता है।
लाइव डेमो: अपने फ़ोन की SHA-256 स्पीड देखें
नीचे का सिम्युलेटर आपके ब्राउज़र में असली SHA-256 हैश बनाता है और दिखाता है कि आपका फ़ोन या कंप्यूटर हर सेकंड कितने हैश बना रहा है। लक्ष्य को कठिन करके देखें कि सही हैश मिलने में कितना समय बढ़ जाता है।
ब्लॉक#5,907,956
रुका हुआ- कोशिशें
- 0 / ≈65,536
- रफ़्तार
- 0 H/s
- लक्ष्य
- शुरुआत में 4 शून्य
माइनिंग समझने के सुरक्षित तरीके
अगर आप माइनिंग को समझना चाहते हैं, तो पैसे लगाने की ज़रूरत नहीं। ऊपर जैसा डेमो, ब्लॉकचेन एक्सप्लोरर पर नए ब्लॉक देखना और माइनिंग कैलकुलेटर में अलग-अलग बिजली दर डालकर हिसाब लगाना काफ़ी कुछ सिखा देता है। ब्राउज़र में चलने वाले मुफ़्त टूल: फ्री क्रिप्टो माइनिंग वेबसाइट।
माइनिंग एक गेम की तरह
TotalHash Telegram में एक मुफ़्त माइनिंग गेम है जो गेम के तौर पर असली SHA-256 गणना दिखाता है; यह बिटकॉइन नेटवर्क पर माइनिंग नहीं करता। टास्क TON वॉलेट में USD₮ और GRAM की छोटी रकम भेजते हैं। कमाई का कोई वादा नहीं।
Telegram में मुफ़्त गेम।
TotalHash खोलेंFAQ
क्या मोबाइल से बिटकॉइन माइनिंग कर सकते हैं?
तकनीकी रूप से हाँ, लेकिन कमाई व्यावहारिक रूप से शून्य है।
मोबाइल बिटकॉइन माइनिंग ऐप असली हैं?
ज़्यादातर नकली काउंटर, विज्ञापन या क्लाउड माइनिंग स्कीम हैं।
क्या माइनिंग से फ़ोन ख़राब होता है?
लगातार गर्मी से बैटरी की क्षमता स्थायी रूप से घट सकती है।
बिटकॉइन माइनिंग के लिए कौन सी मशीन चाहिए?
SHA-256 ASIC माइनर और सस्ती बिजली।